दूसरों को दोष न दें


मानव स्वभाव बड़ा विचित्र है। हर गलत काम करने वाला अपनी गलती के लिए दूसरों को दोष देता है, परिस्थितियों को दोष देता है परन्तु खुद को दोष कभी नहीं देता है।

 

मेरा आपसे यही आग्रह है कि अपने कामों की जिम्मेदारी स्वीकार करें। यदि आप अपने सपने साकार करना चाहते हैं तो अपने प्रत्येक कार्य की 100 फीसदी जिम्मेदारी स्वयं को ही लेनी पड़ेगी, किसी अन्य व्यक्ति पर निर्भर होने से काम नहीं चलेगा। बहाने बहाना, परिस्थितियों को दोष देना, अपनी कमजोरी छिपाना एक छद्म प्रयास है। लगभग प्रत्येक व्...

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आप अद्वितीय (Unique) है


इस दुनिया में आप जैसा न कोई पैदा हुआ है और न ही भविष्य में कभी पैदा होगा। अन्य व्यक्ति आप जैसा दिख सकता है, आपकी हुबहू नकल कर सकता है, लेकिन ठीक आप ही की तरह से वह सोच व कार्य नहीं कर सकता। आपका सोचना व आपकी प्रतिभा अद्वितीय (Unique) है। ठीक इसी प्रकार आपका जन्म किसी अद्वितीय प्रयोजन (Unique Purpose) के लिए हुआ है। आपको अपनी विशेषता, अपनी दक्षता, अपनी प्रतिभा को पहचान कर स्वयं आनन्दमय, समृद्धिपूर्ण, स्वस्थ व रचनात्मक जीवन जीना है तथा समाज के अन्य व्यक्तियों व प्राणियों को भी ऐसा ही जीवन जीने...

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हमारी आदतें


जब किसी भी कार्य को हम बार-बार करते हैं तो वह अन्तत: आदत बन जाती है। ये आदत अच्छी भी हो सकती है तो यह आदत बुरी भी हो सकती है। मैं यहाँ युवाओं में पड़ रही कुछ बुरी आदतों का जिक्र करना चाहता हूँ। जैसा कि मैंने आपको पूर्व में बताया कि मैं 35 वर्षों से कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ा रहा हूँ एवं लगभग 10 वर्ष तक हमारे समाज के दो स्थानों के छात्रावास में अधीक्षक के रूप में कार्य कर चुका हूँ।


मैंने लगभग दस हजार युवाओं से (जिन्हें धूम्रपान...

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मानव स्वभाव को समझें


मेरी आयु उस वक्त 7 या 8 वर्ष की थी। हमारे घर में उस वक्त दूध हेतु एक गाय रखी हुई थी। मैं देखता था कि गाय का दूध दुहने से पहले मेरी माँ आधा-एक घंटे तक गाय की पीठ को सहलाती थी, खाज करती थी, पीठ को थपथपाती थी, दूध निकालने से पहले कुछ न कुछ अच्छा चारा खिलाती थी, बछड़े को गाय की आँखों के समाने खड़ा रखती थी। यह सब होने पर गाय बड़े आराम से दूध देती थी।


सोचिये एक जानवर से कुछ पाने के लिए हमें उसे स्नेह, दुलार, पोषण आदि देना पड़ता है तो इन्सान स...

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BELIEVE IN YOURSELF


All power is within you; you can do anything and everything. Believe in that, do not believe that you are weak. Stand up and express the divinity within you.

 

The old religion said that he was an atheist who did not believe in God. The new religion says that he is the atheist who does not believe in himself.

 

If you have faith in all the three hundred and thirty millions of your mythological gods, an...

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दूसरों की निन्दा/आलोचना/बुराई न करें


दूसरों की बुराई करना, उनकी निन्दा करना, आलोचना करना जितना आसान है, उतना ही मुश्किल है दूसरों की तारीफ करना। यह मानव स्वभाव है—उसे दूसरों की गलती, उनकी कमियाँ जल्दी दिखाई पड़ती हैं। हालाँकि दूसरों की अच्छाइयाँ दिखाई तो दे जाती है, मालूम भी होता है कि फलाँ-फलाँ व्यक्ति काफी अच्छा है, काफी प्रतिभाशाली है, काफी व्यवहारकुशल है लेकिन हमारा मन इसे स्वीकार करने में काफी अड़चने लगा देता है क्योंकि हमारा मन अपने आपको दूसरों से कमतर मानने के लिए तैयार होता ही नहीं है। परिणामस्वरूप जब किस...

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